हिंदूवादी नेता भेरूलाल टाक की सुरक्षा हटाने के आदेश

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हिंदूवादी नेता भेरूलाल टाक की सुरक्षा हटाने के आदेश
रविन्द्र सिंह रघुवंशी
नागदा ।
हिंदु जागरण मंच के प्रांत उपाध्यक्ष व पत्रकार भेरूलाल टाक को शासन द्वारा दी गई सुरक्षा को हटाने का विचार शासन ने किया है। हाल ही में शासन ने आदेश जारी कर टाक की सुरक्षा में लगी एसएफ के जवानों को बुलवाया है। इस आदेश के बाद शहर में कई तरह की चर्चाए शुरू हो गई है साथ ही विभिन्न हिंदु संगठनों ने विरोध भी जताया है। कुछ हिंदु संगठनों ने शासन के इस आदेश के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया है। सोश्यल मिडिया पर भी विभिन्न हिंदु संगठनों ने शासन के इस आदेश के प्रति आक्रोश जताया है।
गौरतलब है कि हिंदु जागरण मंच के टाक पर 27 मई 2011 को सिमी के कार्यकर्ताओं ने प्राण घातक हमला किया था । टाक पर चार गोलियां दागी गई थी इस घटना के विरोध में तीन दिन के विरोध में नागदा शहर बंद रहा था। जिसके बाद मध्यप्रदेश शासन ने टाक को सुरक्षा मुहय्या करवाई थी। शासन ने वर्तमान में 1 चार के गार्ड की सुरक्षा दे रखी है।
प्रदेश में हुआ था विरोध प्रदर्शन
टाक लगभग तीन दशक से हिंदु संगठन का कार्य कर रहे है। वर्ष 1996 में भी जब टाक बजरंग दल में थे उस समय भी उन पर हमले का प्रयास हुआ था जिसके बाद वर्ष 2007 में भी उनको जान से मारने की धमकी मिली थी। 27 मई 2011 को टाक पर सिमी के तीन पदाधिकारियों ने गोली चलाई थी उस समय टाक लगभग 25 दिन तक इंदौर के गोकुलदास हास्पीटल में भर्ती रहे थे। इस घटना का विरोध पूरे प्रदेश में हुआ था। टाक बजरंग दल, विहिप में भी कई पदो पर रह चुके हे। जब उन पर सिमी के लोगों ने हमला किया था वह उस समय विहिप के पदाधिकारी थे। टाक का 30 अक्टूबर 2016 को भी गुजरात में मारे गए सोहराबुद्दीन के भाई रूआबउद्दीन से भी विवाद हुआ था। रूआबउद्दीन ने टाक के निवास स्थान पर आकर विवाद किया था जबकि उस समय टाक के साथ सुरक्षा भी थी।
शहर में इस तरह की चर्चा
टाक हिंदु जागरण मंच के अलावा राष्ट्रीय विचाराधारा का अखबार स्वदेश के प्रतिनिधि भी है । टाक आए दिन अपने समाचार पत्र में अधिकारी व राजनैताओं के खिलाफ समाचार भी प्रकाशित किए है। हाल ही में नागदा नगर पालिका में पदस्थ हुए सीएमओं मो.असफाक के खिलाफ भी टाक ने समाचार प्रकाशित कर विरोध जताया था चुंकि सीएमओं असफाक खान राजस्व निरीक्षक है और हाट पिपलिया से स्थानंतरित होकर नागदा आए है जबकि नागदा नपा में खान से भी ज्यादा सीनियर अधिकारी पदस्थ है। नागदा नपा ए ग्रेड की सूची में शामिल है नियम के तहत यहां सीएमओं का पद पीएसपी उत्तीर्ण व्यक्ति को ही दिया जाना है ऐसे में एक छोटी सी नगर परिषद् के राजस्व निरीक्षक को नागदा नपा का सीएमओं बनाना किसी के गले नहीं उतर रहा था जिसको लेकर टाक ने विरोध जताया व समाचार भी प्रकाशित किए। सूत्रों के अनुसार सीएमओं असफाक का स्थानंतरण उज्जैन के सत्ता पक्ष के एक जन प्रतिनिधि ने कराया था। टाक के विरोध करने पर उक्त नेता ने आपत्ति भी ली थी। शहर में इस तरह की चर्चा है कि संभवत: उक्त नेता ने ही टाक के सुरक्षा गार्ड हटवाए है।

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