अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई घोषणाएँ

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई घोषणाएँ
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विश्व में कोई काम ऐसा नहीं है जो महिलाएँ न कर सकें। आज मेरे साथ सुबह से लेकर पूरे दिन वाहन चालन, सुरक्षा, प्रशासन, प्रचार-प्रसार सभी विधाओं में महिलाओं ने काम किया। उन्होंने इस अवसर पर अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ की।
सभी लाड़ली लक्ष्मी की देश-विदेश में होने वाली उच्च शिक्षा का भार राज्य शासन वहन करेगा।
स्व-सहायता समूहों के खातों में हर माह 150 करोड़ डाले जाएंगे।
महिला स्व-सहायता समूहों को 04 प्रतिशत ब्याज पर दिया जाने वाला ऋण अब 02 प्रतिशत पर मिलेगा। शेष ब्याज शासन वहन करेगा।
संविदाकर्मी महिलाओं को भी अब 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलेगा।
नगरीय निकायों में कार्यरत अस्थाई महिला सफाई कर्मियों को सप्ताह में एक दिन का अवकाश मिलेगा।
मध्यप्रदेश में 100 करोड़ की लागत से नारी सम्मान कोष बनाया जाएगा।
बेटियों को ड्राइविंग का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भूमि स्वामित्व में पति के साथ पत्नी का भी नाम होगा।
प्रधानमंत्री आवास समेत जितनी भी योजनाओं के तहत मकान बनेंगे, उनके दस्तावेज महिला के नाम पर भी होंगे। चाबी भी संयुक्त रूप से दी जाएगी।
महिला के नाम पर नई सम्पत्ति खरीदने पर रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
ठेकेदारी करने पर महिलाओं का पंजीयन नि:शुल्क होगा।
स्कूल ड्रेस बनाने का काम महिला स्व-सहायता समूह की बहनें करेंगी।
गेहूँ, फसल आदि खरीदी के काम भी स्व-सहायता समूह की महिलाएँ करेंगी।
पंचायत स्तर पर होने वाले सर्वे में भी महिला स्व-सहायता समूह को शामिल किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में वूमेन हेल्प डेस्क बनेगी।
बेटियों के‍ लिए करियर काउंसलिंग की जाएगी।
चिन्हित आई.टी.आई. में महिलाओं को गाड़ी चलाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला स्तर पर शासकीय परिसर में कैंटीन चलाने का कार्य भी महिला स्व-सहायता समूह करेंगी।
उज्जैन और सागर जिले में महिला स्वास्थ्य सेवा से संबंधित प्रशिक्षण के लिए स्किल लैब्स की स्थापना की जाएगी।
प्रदेश के 1600 स्वास्थ्य केन्द्रों को आधुनिक प्रसव केन्द्रों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
जिस गाँव में 3 साल तक बेटी-बेटे का समान संख्या में जन्म होगा, उस गाँव के विकास के लिए 2 लाख रूपये की सहायता अलग से दी जाएगी।
प्रदेश के हर जिले में महिला थाने खोले जाएंगे।
अगले तीन सालों में प्रदेश के हर गाँव में हर घर में नल-जल होगा।
कक्षा 09वीं, 10वीं और 11वीं के छात्रों को महिलाओं की इज्जत करने के संस्कार दिए जाएंगे।
मध्यान्ह भोजन के लिए तेल, मसाले आदि की खरीदी महिला स्व-सहायता समूहों से की जाएगी। नशा मुक्ति अभियान में स्व-सहायता समूहों को भी शामिल किया जाएगा।
नशा मुक्त पंचायत को पुरस्कृत करने के साथ विकास के लिए अधिक धनराशि मिलेगी।
नशा मुक्ति कार्यक्रम में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह, शौर्या दल आदि की भागीदारी भी होगी।
आत्म-रक्षा के लिए प्रदेश की 23 हजार बेटियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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