शिप्रा-नर्मदा लिंक योजना कचनारिया ओद्योगिक क्षेत्र पहुंचने से नागदा के पचास हजार लोगो को रोजगार मिलेगा, ग्रेसिम का नवीन प्लांट भी स्थापित होगा और जिला कार्यालय भी बनेगा।

Spread the love

शिप्रा-नर्मदा लिंक योजना कचनारिया ओद्योगिक क्षेत्र पहुंचने से नागदा के पचास हजार लोगो को रोजगार मिलेगा, ग्रेसिम का नवीन प्लांट भी स्थापित होगा और जिला कार्यालय भी बनेगा।

नागदा(निप्र) – कचनारिया के ओद्योगिक क्षेत्र के विकास और नये फायबर प्लान्ट मे भरपूर पानी की व्यवस्था के लिये नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना को कचनारिया तक बढ़ाये जाने की मांग नागरिक अधिकार मंच के अध्यक्ष अभय चोपड़ा एवं संयोजक बन्ना शेलेन्द्र सिंह चौहान एडव्होकेट ने आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में की है ।

बी.सी.आई. की जमीन पर उद्योग लगाकर शहर के पाच हजार बेरोजगारो को रोजगार देने की घोषणा करने वाले नेता अगर वास्तव में रोजगार देकर क्षेत्र का ओद्योगिक विकास करना ही चाहते है तो नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना का पानी ही कचनारिया तक पहुँचा दे तो पचास हजार युवको के रोजगार की व्यवस्था हो जायेगी और तेजी से ओद्योगिक विकास हो जायगा।

जिस उद्योग समूह ने नागदा मे तीन हजार मजदूरो की छटनी की और यही नेता मुँह छिपाते रहे । ठेका मजदूरो की दुर्दशा कर रखी है। विस्तारीकरण में मात्र तीन सौ मजदूर लगाने की योजना थी। आधुनिकिकरण के चलते पाँच हजार मजदूर लगाया जाना असम्भव है। उद्योग समूह स्वयं सरकार को पाँच हजार श्रमिक रखने का आश्वासन नही दे रहा है वरन् एक अदने से अधिकारी से गैरकानूनी और आधारहीन शपथ पत्र दिलवाकर शासन प्रशासन और जनता को गुमराह किया जा रहा है। नेतागण यह जनता को समझाये कि श्रमिको की संख्या निश्चित करने के लिये भारत शासन के पास क्या कोई नियम हैं ? या लायसेंस में श्रमिको की संख्या की कंडीशन डालने की भारत शासन के पास शक्ति है ?

शहर के मध्य के इन्हीं उद्योगो को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नये उद्योगो को गैरकानूनी तरीके से जमीन हस्तांतरण करना गैर कानूनी है। शासन को नागदा थाने से आठ किलोमीटर की दूरी बताकर रिहायशी इलाके मे रहने के बावजूद भी लायसेंस लिया है। आमजन के जीवन से खिलवाड़ कर बेरोजगारो को भड़काकर प्रदूषण फैलाने वाले खतरनाक उद्योगो को संरक्षण देकर मानवता के साथ खिलवाड़ करना चाहते है राजनैतिक दल के नेता। उच्चतम न्यायालय में भी प्रदूषण के मापदंडो के चलते उक्त जमीन उद्योग लगाने के लिये नहीं दी जा सकती है। नागरिक अधिकार मंच ने उक्त बेशकीमती जमीन पर शासन द्वारा उद्योग समूह से सांठगांठ कर घोटाले करने का आरोप लगाया है। सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा नागदा के प्रदूषण को लेकर जो प्रश्न लोकसभा में लगाया था उसका क्षेत्र के मीडिया के समक्ष सार्वजनिक करना चाहिये और शीघ्रता शीघ्र नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना कचनारिया तक पहुंचाने की योजना लाते है तो पचास हजार युवको को रोजगार मिलेगा। साथ ही बीसीआई की रिक्त भूमि पर जिला कार्यालय बनाने का कार्य प्रशस्त हो जायेगा।

दिनांक – 27/07/2021

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed